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साथ

Date Written: October 14, 2017
Categories:
 

आँखों में कुछ न पूरे होने वाले ख्वाब हैं 

इस पागल दिल की ख्वाहिशें बे – हिसाब हैं 

हर दिन ढूँढ़ते हैं एक नया साथ हम 

पर यहाँ तो हर चेहरे पर झूठ के नकाब हैं 

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by Amandeep
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Amandeep

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